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इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए केंद्र सरकार ने दी ये बड़ी सुविधा, चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए नहीं लेना होगा लाइसेंस

Central Government revised Electric Vehicle Charging infra guidelines no License for public charging stations

केंद्र सरकार (Central Government) ने इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को बढ़ावा देने के लिए ये बड़ी सुविधा दी है. दरअसल, केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग (Electric Vehicle Charging) नीति में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल गाइडलाइन जारी की हैं. नई गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक शहर को 3 किलोमीटर लंबे और 3 किलोमीटर चौड़े चार्जिंग ग्रिड से जोड़ा जाएगा, साथ ही एक्सप्रेस वे पर हर 25 किमी पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे. साथ ही सरकार ने पब्लिक चार्जिंग स्टेशन को छूट दी है.


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बता दें नई गाइडलाइन में सरकार ने फैसला किया है कि हाईवे के दोनों तरफ प्रत्येक 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे. सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रथम चरण में साल 2011 की जनगणना के हिसाब से 40 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों को जोड़ा जाएगा. इन शहरों के सभी एक्सप्रेस-वे को मैगासिटीज से कनेक्ट किया जाएगा और कवरेज का दायरा बढ़ाया जाएगा.


वहीं, दूसरे चरण में बड़े शहरों जैसे राज्य की राजधानियों, केंद्र शासित प्रदेशों जैसे बड़े शहरों को कवर किया जा सकता है. दिसंबर 2018 में उर्जा मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए गाइडलाइन और मान जारी किए थे. उद्धत, उर्जा मंत्रालय से कई सुझाव मिलने के बाद गाइडलाइन में बदलाव करने का फैसला किया है.


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उर्जा मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसके बाद पुराने दिशानिर्देश निष्प्रभावी हो जाएंगे. नई गाइडलाइन के मुताबिक पहला चरण 1 से 3 साल का होगा, जबकि दूसरा चरण 3 से 5 साल का होगा. मंत्रालय के तहत आने वाली ब्यूरो ऑफ एनर्जी इफिशिएंसी यानी बीईई को इस काम के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर नामित किया है.


वहीं, केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि ज्यादातर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन घरों या दफ्तरों में खोले जाएंगे, जहां फास्ट या स्लो चार्जर का उपयोग करने का फैसला ग्राहकों का होगा. अगर निजी उपयोग के लिए घर पर चार्जिंग स्टेशन खोलना चाहते हैं तो खोल सकते हैं. लेकिन अगर ऑफिस में चार्जिंग स्टेशन खोलना चाहते हैं तो इसके लिए पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी डिस्कॉम की मदद लेनी होगी.


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केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशन के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने इसे सर्विस की श्रेणी में रखा है. जिसके लिए इस पर कमीशन और सर्विस चार्ज फिक्स होगा. गाइडलाइन के मुताबिक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन के मालिकों को CCS, CHAdeMO, Type-2 AC, Bharat AC 001 जैसे चार्जर इंस्टॉल करने होंगे.


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