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यूपी: अब अपने शहर के अलावा दूसरे शहर के पते पर भी बनवा सकेंगे ड्राइविंग लाइसेंस, ये है नया नियम…

now you will make on the address of another city than your city Driving License in Motor Vehicle Act new rule

1 सितंबर से लागू हुए नए मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने की प्रक्रिया में एक नया नियम जुड़ गया है. जो कि सभी प्रकार के वाहन चालकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. बता दें अब आप अपने शहर के अलावा दूसरे शहर के पते पर भी अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे. नए नियम मोटर यान संशोधित अधिनियम 2019 (Motor Vehicles Amended Act 2019) में ये मुमकिन है. मान लीजिये आप प्रयागराज के स्थायी निवासी हैं और नौकरी या अन्य रोजगार के चलते लखनऊ में निवास कर रहे हैं और आपकी इच्छा यहीं के पते पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की है तो नए नियम के तहत यह बिल्कुल संभव है.


हालांकि, ऐसे आवेदकों को मूल निवास (जहां के रहने वाले) के पता का दस्तावेज के साथ में शपथ पत्र देना होगा. शपथ पत्र में जो भी पता लिखा होगा, उसे ही स्थायी मान लिया जाएगा. इसी तर्ज पर प्रदेश भर के आवेदक डीएल बनवा सकेंगे.


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डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करते वक्त आवेदक जहां के रहने वाले हैं, उस पते को अस्थायी पता के तौर पर अंकित करें. साथ ही शपथ पत्र में स्थायी पता के रूप में वर्तमान आवासीय पते का उल्लेख करें. इसके बाद अस्थायी पता का दस्तावेज एवं शपथ पत्र अपलोड कर डीएल शुल्क ऑनलाइन जमा करें. बाद में जिस दिन जिस समय आरटीओ में बुलाया जाए तो वहां पहुंचे और डीएल के लिए बायोमीट्रिक टेस्ट दें.


अगर आप डीएल में दर्ज पते को बदलना चाहते हैं तो इसके लिए सारथी सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, इसका शुल्क 400 रुपये है. इसमें 200 रुपये पता परिवर्तन और 200 रुपये स्मार्ट कार्ड के लिया जाता है. पते में बदलाव के साक्ष्य दस्तावेज के रूप में शपथ पत्र को अपलोड करना पड़ेगा.


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मोटर यान संशोधित अधिनियम के तहत डीएल बनवाने के लिए जो दस्तावेज अटैच किए जाएंगे. साथ ही उनके सत्यापन कराने का भी प्रावधान है. जबकि पूर्व में पहचान एवं पते के दस्तावेजों के सत्यापन कराने का प्रावधान नहीं था. नई व्यवस्था में दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होने पर आवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. परिवहन विभाग की इसके लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर सकता है.


अगर आपके डीएल की वैधता खत्म हो चुकी है या फिर खत्म होने वाली है तो अलर्ट हो जाएं. क्योंकि वैधता तारीख बीतने के बाद डीएल अवैध हो जाएगा. जबकि पुरानी व्यवस्था में वैधता खत्म होने के बाद भी डीएल एक माह (ग्रेस पीरियड) तक वैध माना जाता था. वहीं, नई व्यवस्था में डीएल की वैधता खत्म होने के एक साल के भीतर नवीनीकरण जरूरी है, नहीं तो नए सिरे से डीएल बनाने प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी. जबकि पहले डीएल का 5 साल तक फीस और देरी शुल्क देकर नवीनीकरण कराया जा सकता था.


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लखनऊ प्रशासन के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संजय कुमार तिवारी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक के शपथ पत्र पर जिस स्थायी पता का उल्लेख किया जाएगा. उसी पता पर डीएल भेजी जाएगी. ऐसे में आवेदक वर्तमान में जहां पर निवास करते हों, उसी स्थायी पते का उल्लेख करें.


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