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यूपी: रिटायर्ड कैप्टन के साथ मिलकर ठगी करता था फर्जी कर्नल, यूट्यूब से सीखी सेना की गतिविधियां

fake colonel in kanpur

उत्तर प्रदेश से एक मामला सामने आया है. जहां कथित कर्नल सूर्य प्रताप सिंह उर्फ मनोज कुमार सिंह नाम का युवक सेना की वर्दी पहन और कर्नल की रैंक लगाकर सेना के दफ्तरों में घूमता था, यह खुलासा उसने पूछताछ में किया है. उसके गिरोह में फर्रुखाबाद निवासी एक कथित रिटायर्ड कैप्टन का नाम सामने आया है. पुलिस कथित कैप्टन के बारे में जांच कर रही है.


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फर्जी कर्नल बनकर घूमने वाला आरोपी मूलरूप से बर्सकुलासर गांव, बेला औरैया का रहने वाला है. उसके अनुसार साल 2014 में पास के गांव ढेपारा में उसकी मुलाकात आवास विकास फर्रुखाबाद निवासी कमलेश चंद्र अग्निहोत्री से हुई थी, कमलेश ने खुद को सेना से रिटायर कैप्टन बताया था. कमलेश ने कहा था कि अगर कोई सेना में भर्ती होना चाहता है तो वह यह काम करवा सकता है. कमलेश के कहने पर साल 2015 से लेकर अब तक झांसा देकर सूर्य प्रताप सिंह युवाओं से ठगी कर रहा था.


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पुलिस के अनुसार आरोपी पीड़ितों को जो नियुक्ति पत्र देता था, उसकी जांच की गई. सभी पत्रों में कैप्टन कमलेश चंद्र अग्निहोत्री के नाम की मुहर व दस्तखत हैं. पुलिस अब कमलेश तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटी है. इंस्पेक्टर ने बताया कि फतेहगढ़ कैंट एरिया में सूर्य प्रताप बेखौफ होकर वर्दी पहनकर घूमता था. रेल बाजार की एक ट्रैवल्स कंपनी की गाड़ी से वह युवाओं को अपने साथ लेकर जाता था.


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कंपनी के ड्राइवर संतोष दीक्षित ने बताया कि वह पिछले 7 महीने में 3 बार उसको लेकर फतेहगढ़ गया था. इस दौरान वह लड़कों को इधर-उधर छोड़ देता था और खुद किसी कमरों में चला जाता था, जिससे लड़कों को विश्वास होता था कि वह जो कह रहा है वह सच है. वहीं, रेल बाजार निवासी मोहम्मद नावेद ने फर्जी कर्नल सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ रविवार को एफआईआर दर्ज करवाई है.


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आरोप है कि फर्जी कर्नल ने एक साल पहले सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर मोहम्मद नावेद 4 लाख 50 हजार रुपये ठगे थे. पुलिस ने रविवार को ड्रिल, सैल्यूट आदि का डेमो फर्जी कर्नल से लिया, जहां उसने हर एक गतिविधि सही तरीके से की. उसने बताया कि उसने यूट्यूब देखकर सेना की गतिविधियों को सीखा था.


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