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भारतीय वायुसेना दिवस: भारत को आज मिलेगा पहला लड़ाकू विमान राफेल, विजयादशमी के शुभ अवसर पर राजनाथ सिंह फ्रांस में करेंगे शस्त्र पूजा

भारत (India) को आज पहला लड़ाकू विमान राफेल (Rafale) प्राप्त होने वाला है. भारतीय वायुसेना दिवस (Indian Air Force day) और विजयादशमी के शुभ अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) मंगलवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजा करेंगे. विधिवत शस्त्र पूजा (Arms worship) के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस की कंपनी दसॉ से खरीदे गए लड़ाकू विमान राफेल का अधिग्रहण करेंगे और विमान में उड़ान भी भरेंगे. राफेल उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस लड़ाकू विमान है. दसॉ के साथ हुए सौदे की पहली खेप में भारत में विजयादशमी (Vijayadashmi 2019) के मौके पर 36 राफेल विमान हासिल करेगा.


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भारतीय वायुसेना दिवस के मौके दिल्ली स्थित वॉर मेमोरियल पर राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. बता दें भारत में शस्त्र पूजा की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है. महाराणा प्रताप की इस धरती पर राजपूत राजा दुश्मनों को रणभूमि में छक्के छुड़ाने से पहले अस्त्र-शस्त्र की पूजा करते रहे हैं. इसी परंपरा का पालन करते हुए भारतीय सेना में भी विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा की जाती है. शायद इसी परंपरा को निभाने के लिए राफेल विमान का अधिग्रहण विजयादशमी के दिन हो रहा है.


दरअसल, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी मनाई जाती. इसी दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी. इसलिए विजयादशमी को आसुरी शक्तियों पर देवता की विजय के रूप में मनाया जाता है. शस्त्र पूजा के साथ लड़ाकू राफेल के अधिग्रहण के पीछे शायद यही धारणा होगी कि यह विमान भारत की ओर आंख उठाने वाली हर ताकत को नेस्तनाबूद करने में देश के सैन्य बल के लिए अहम साबित होगा.


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बता दें राफेल 4.5वीं पीढ़ी का विमान है, जिसमें राडार से बच निकलने की युक्ति है. इससे भारतीय वायुसेना में आमूलचूल बदलाव होगा, क्योंकि वायुसेना के पास अब तक के विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई या तो तीसरी पीढ़ी या चौथी पीढ़ी के विमान हैं. रक्षामंत्री राफेल विमान लाने के लिए 3 दिवसीय दौरे पर सोमवार को फ्रांस गए हुए हैं. वह मंगलवार को फ्रांस में 36 राफेल विमान की पहली खेप प्राप्त करने के बाद विमान में उड़ान भी भरेंगे.



बताया जा रह है कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में इस लड़ाकू विमान के शामिल होने पर देश की सामरिक ताकत बढ़ेगी और दक्षिण एशिया में जहां पाकिस्तान का हमेशा शत्रुता का बर्ताव रहा है वह आंख उठाकर देखने की हिमाकत नहीं करेगा. रक्षा विशेषज्ञों की माने तो राफेल की क्षमता के समान पाकिस्तान के पास अब तक कोई विमान नहीं है.


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वहीं, रिटायर्ड एयर मार्शल एम. मथेश्वरण ने आईएएनएस को बताया कि ‘पाकिस्तान के पास मल्टी रोल विमान एफ-16 है. लेकिन वह वैसा ही है जैसा भारत का मिराज-2000 है. पाकिस्तान के पास राफेल जैसा कोई विमान नहीं है’. फ्रांस, मिस्र और कतर के बाद भारत चौथा देश होगा जिसके आकाश में राफेल विमान उड़ान भरेगा.


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