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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद के बजाय ‘मरना पसंद करने वाले’ पाकिस्तान के PM इमरान खान ने मांगा 6 अरब का लोन

Pakistani rupee continued fall

पाकिस्तान में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पाक लगातार आर्थिक मंदी के दलदल में फंसता जा रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए की कीमत लगातार निचले स्तर पर पहुंच रही है। न्यूज वेबसाइट द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में एक डॉलर की कीमत 150 रुपए के पार पहुंच गई है।


आईएमएफ से 6 अरब का लोन लेने पर बनी सहमति

रिपोर्ट में बताया गया है कि शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। शेयर बाजार में रिकॉर्ड गिरावट उस वक्त देखने को मिली जब केंद्र सरकार ने माना कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 6 अरब रुपए का लोने लेने पर सहमति बनी है। बीते गुरुवार को पाकिस्तानी रुपया 3.6 फीसदी की गिरावट के साथ एक डॉलर के मुकाबले 146.2 रुपए पर बंद हुआ। रुपए में शुक्रवार को और गिरावट आई। डीलरों ने कहा कि डॉलर में इंटरबैंक बाजार में 149.50 रुपए और खुले बाजार में 150 रुपए के पार बिक्री की।


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रुपए में कमजोरी सरकार के लिए एक राजनीतिक समस्या प्रस्तुत करता है, जो पिछले साल एक नई सामाजिक कल्याण प्रणाली बनाने का वादा करके सत्ता में आई थी। पीएम बनने से पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान ने मुल्क की जनता से वादा भी किया था कि वह मर जाएंगे मगर आईएमएफ से मदद मांगने नहीं जाएंगे।


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गौरतलब है कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था मंदी में डूबी पड़ी है, जो तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार अपने बजटीय घाटे को कम करने के लिए टैक्स की दरों को बढ़ाएगी या खर्च में भारी कटौती करेगी।


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हालांकि लोन को लेकर सरकार और आईएमएफ के बीच क्या सौदा हुआ इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से अभी किसी को नहीं मालूम। वहीं रुपए में कमजोरी पर गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने एक बयान जारी कर कहा कि भारी गिरावट विदेशी मुद्रा बाजार में मांग और आपूर्ति की स्थिति को दर्शाती है और बाजार के असंतुलन को सही करने में मदद करेगी।


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