Breaking Tube
Government

खुशखबरी: करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को मोदी सरकार देगी ये बड़ी राहत, 1 फरवरी से मिलेगा फायदा

modi-jeitly

केंद्र की मोदी सरकार हर बार की तरह इस बार भी मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दे सकती है. बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली इस बार आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर सकते हैं. अभी यह छूट वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 5 लाख रुपये हो सकता है, जबकि मेडिकल खर्चो और परिवहन भत्ते को भी फिर से बहाल कर सकते हैं. इससे नोटबंदी के कारण बेहाल मध्यम वर्ग को थोड़ी राहत मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा.


Also Read: 7th Pay Commission: मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, 1.5 लाख कर्मचारियों का बढ़ा वेतन


मध्यम वर्ग को खुश करने की कवायद


अंतरिम बजट में हालांकि बहुत अधिक मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है, लेकिन भाजपा सरकार चुनावों को देखते हुए मध्यम वर्ग को खुश करने की कोशिश करेगी. वहीं, सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसलिए करों के स्लैब को सिस्टेमेटिक करने की योजना बनाई गई है, जो किसी भी स्थिति में आगामी प्रत्यक्ष कर संहिता के अनुरूप होंगे. इसमें यह समस्या आ सकती है कि प्रत्यक्ष कर संहिता रिपोर्ट के आने से पहले आम बजट 28 फरवरी को आ जाएगा, जिससे रिपोर्ट जारी होने से पहले दरों से छेड़छाड़ इसे विवादास्पद बना देगा.


Also Read: लोकसभा चुनाव फतह के लिए मोदी सरकार खेल सकती है ‘कालिया स्कीम’ पर दांव


वर्तमान में ये है टैक्स स्लैब


जानकारी के मुताबिक, नए प्रत्यक्ष कर संहिता के दायरे में ज्यादा से ज्यादा कर निर्धारती (एसेसी) को कर के दायरे में लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि अलग-अलग वर्गो के करदाताओं के लिए अधिक न्यायसंगत प्रणाली बनाई जाए, कॉर्पोरेट कर में कमी किया जाए और व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी बनाई जाए. फिलहाल 2.5 लाख रुपये की आय को निजी आयकर से छूट प्राप्त है, जबकि 2.5-5 लाख रुपये के बीच की सालाना आय पर 5 फीसदी कर लगता है, जबकि 5-10 लाख रुपये की सालाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसदी कर लगता है.


Also Read: नई पहल: दिल्ली अस्पताल में मरीजों संग डांस करेंगे डॉक्टर


80 साल से ज्यादा की उम्र वाले 5 लाख सालाना की आय


वहीं 80 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों को 5 लाख रुपये सालाना की आय पर कर छूट प्राप्त है. इसके अलावा पिछले साल 5 लाख रुपये की आय वालों के लिए सालाना 15 रुपये तक के मेडिकल खर्चों और 19,200 रुपये तक के परिवहन भत्तों को हटाकर उसकी जगह 20 हजार रुपये की मानक कटौती लाया था. इसे भी वापस बहाल किया जा सकता है। हालांकि इससे बहुत अधिक फायदा तो नहीं होगा, लेकिन मध्यम वर्ग का उत्साह बढ़ेगा.


Also Read: भाजपा ने निकाला सपा-बसपा गठबंधन का तोड़, आरक्षित सीटों पर ऐसे किलेबंदी कर रही है भाजपा


देश और दुनिया की खबरों के लिए हमेंफेसबुकपर ज्वॉइन करेंआप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं. )


Related news

जम्‍मू-कश्‍मीर: छुट्टी पर जा रहे जवान का आतंकियों ने किया अपहरण

Ambuj

सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता

Satya Prakash

गर्भवती महिला को कंधे पर लादकर ले जाते समय रास्ते में हुआ बच्चे का प्रसव

Satya Prakash