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राजस्थान: गहलोत सरकार ने अकबर को ‘महान’ बताने के चक्कर में पैदा होने से पहले ही उसे जीता दिया किला

राजस्थान में पिछली भाजपा सरकार के कई फैसले पलट चुकी कांग्रेस सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में हल्दी घाटी के युद्ध समेत कई घटनाक्रमों में बदलाव किए हैं. पिछली बीजेपी सरकार ने पाठ्यक्रम में संशोधन करते हुए महाराणा प्रताप को महान बताया था और अकबर से बढ़ा योद्धा ठहराया था. सत्ता में आते ही अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने अकबर के महिमामंडन के चक्कर में उसके पैदा होने से पहले ही उसे एक किला जीता दिया.


कांग्रेस सरकार ने नए सिलेबस में दसवीं कक्षा में अकबर के चैप्टर में कुछ बदलाव किया है. पहले लिखा था कि 1562 में अकबर ने बाज बहादुर से मालवा चुनार का किला गोडवाना का किला जीता था. अब नए सिलेबस में इसको बदलकर 1516 कर दिया गया है. इसके हिसाब से देखा जाए तो अकबर ने जन्म से पहले ही यह किला जीत लिया था. क्योंकि अकबर का जन्म ही 1542 में हुआ था.


महाराणा प्रताप और अकबर में से एक को महान मानने को लेकर प्रदेश में पहले भी कई बार कांग्रेस-भाजपा आमने सामने हो चुकी है. नए सिलेबस में प्रदेश के स्कूली बच्चे अब महाराणा प्रताप महान नहीं पढेंगे. प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अकबर और प्रताप में कौन महान, इसे लेकर बहस छिड़ गई थी. तब से ही निगाहें नए सिलेबस पर टिकी हुई थी.


संशोधित पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप की जगह अकबर को विजेता घोषित नहीं किया गया है. 12वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक में हल्दीघाटी के युद्ध के बारे में विस्तार से लिखा गया है. लेकिन, युद्ध के परिणाम पर पाठ्यक्रम खामोश है. इसमें न तो महाराणा प्रताप को विजेता बताया गया है न तो अकबर को. इसमें अकबर और महाराणा प्रताप में से किसी को महान नहीं बताया गया है.


शिक्षा मंत्री की दलील

इससे पहले पांच महीने सत्ता बदलते ही कांग्रेस सरकार ने कहा था कि वे हल्दीघाटी युद्ध के असली विजेता और प्रताप और अकबर में से महान कौन थे इसका फैसला कर देंगे. संशोधित पाठ्यक्रम पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध का विजेता कौन रहा ये पढ़ाना जरुरी नहीं है. इसके साथ ही महाराणा प्रताप और अकबर में कौन महान है यह पढ़ना जरूरी है.


डोटासरा ने कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम में महाराणा प्रताप के संघर्ष के बारे में बताया गया है, जिससे छात्र प्रेरणा ले सकें. डोटासरा ने कहा कि इस पाठ्यक्रम में ये बताने की भी कोशिश की गई है कि ये (हल्‍दीघाटी युद्ध) हिंदू-मुस्लिम के बीच की जंग नहीं थी. किताब में दोनों के मुस्लिम सेनापति के जरिए इसे समझाया गया है. डोटासरा ने कहा कि उनकी सरकार महाराणा प्रताप पर बीजेपी की ओर से पाठ्यक्रम में की जा रही सियासत से दूर रहना चाहती है


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