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यूपी में लोगों को लगा बिजली का ‘झटका’, घर की बिजली हुई 15% महंगी, फिक्‍स चार्ज भी 25 प्रतिशत बढ़ा

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को जोर का झटका लगा है. राज्य सरकार ने बिजली की दरों (electricity prices) में बढ़ोतरी कर दिया है. योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 8% से 12% तक दाम बढ़ाए हैं, जबकि उद्योगों के लिए बिजली के दाम में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. राज्य मे बिजली दरों में बढ़ोतरी पर बीएसपी चीफ मायावती ने सरकार पर निशाना भी साधा है और इसे जनविरोधी फैसला बताया.


इसके अलावा यूपी सरकार ने खेती करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 9 प्रतिशत शहरी अनुसूची और 15 प्रतिशत ग्रामीण अनुसूची में बढ़ोतरी की है. राज्य सरकार की तरफ से इसके पीछे दलील दी गई है कि सौर ऊर्जा कार्यक्रमों के प्रभाव के फलस्वरूप राज्य वितरण कंपनियों द्वारा बिजली खरीद में बढ़ोतरी की दर में कमी आई है. सरकार ने ग्रामीण इलाकों में फिक्स चार्ज 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है. राज्य में लोगों के विरोध के बाद भी बिजली की दरों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. दो साल बाद ये बढ़ोत्तरी की गई है. इससे पहले 2017 में योगी सरकार बनने के बाद निकाय चुनाव समाप्त होते ही बिजली की दरों में औसतन 12.73 फीसदी का इजाफा किया गया था.


1 किलोवाट कनेक्‍शन 1858 रुपए

इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी बोर्ड के मुताबिक बिजली की बढ़ी दरें तुरंत लागू हो गई हैं. अब 1 किलोवाट कनेक्‍शन के लिए कुल 1858 रुपए खर्च करने होंगे. वहीं 5 किलोवाट कनेक्‍शन के लिए 7968 रुपए लगेंगे.


गांवों के लिए अलग रेट

गांवों में 1 किलोवाट कनेक्‍शन का रेट 1365 रुपए कर दिया गया है. जबकि 5 किलोवाट कनेक्‍शन का रेट शहर के बराबर ही है. यानि 7968 रुपए.


प्रमुख बदलाव

  • नियामक आयोग ने रेगुलेटरी सरचार्ज 4.8 प्रतिशत को समाप्त कर दिया है.
  • ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ता, जो पहले 1 किलोवाट पर 400 रूपया देते थे. अब उन्हें 500 रूपया देना पड़ेगा यानी कि 25 प्रतिशत वृद्धि.
  • गांव का अनमीटर्ड किसान जो 150 प्रति हार्सपावर देता था, अब उसे 170 प्रति हार्सपावर देना होगा यानी कि उसकी दरों में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि.
  • शहरी बीपीएल जो अभी तक 1 किलोवाट में 100 यूनिट तक 3 रुपये प्रति यूनिट देता था, अब उसे सीमित कर 1 किलोवाट में 50 यूनिट तक 3 रूपये तक सीमित कर दिया गया है.
  • प्रदेश के शहरी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में स्लैबवाइज लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है.
  • उद्योगो की दरों 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है.

आपको बता दें कि पहले से ही अनुमान था कि सरकार बिजली दरें बढ़ा सकती है. विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर सरकार पर आक्रामक है. हाल ही में दरों को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ऐलान किया था कि किसी भी हालत में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है.


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