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कानपुर: रिक्शे में स्कूटी लदवाकर लड़की से बोले सीओ- भेजा न खराब कर, कोतवाली जा वहीं मिलेगी

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मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का है. जहां पर बीते मंगलवार की भरी दोपहर 12:40 बजे शिवाला गेट के सामने स्थित एक रेस्टोरेंट के पास सड़क के किनारे एक स्कूटी खड़ी थी. इसी दौरान पॉलिथीन पकड़ने निकले सिटी मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश श्रीवास्तव और सीओ कोतवाली राजेश पांडेय की नजर स्कूटी के आसपास फैली पॉलिथीन पर पड़ी. भयंकर गर्मी और तेज धूप में सीओ सिटी का पारा हाई हो गया. सीओ सिटी ने चिल्लाते हुए पूछा कि ‘कितनी गंदगी फैला रखी है. ये स्कूटी यहां कैसे खड़ी है. उठवाओ इसे और भेजो कोतवाली’.


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इतना सुनकर सामने की तरफ से 18 वर्षीय नैन्सी आती है. कड़ी धूप से चेहरा लाल, आंखों में आंसू भरे हुए और दबी जुबान के साथ रुंधी आवाज में बोलती है, ‘अंकल स्कूटी मेरी है लेकिन ये तो किनारे खड़ी है. इससे जाम भी नहीं लग रहा’. बस फिर क्या सीओ सिटी ने स्कूटी को रिक्शे में लादने को कहा. स्कूटी लादते हुए देख नैन्सी रो पड़ी और बोली, ‘अंकल स्क्रैच लग जाएंगे. छोड़ दीजिए अब यहां कभी स्कूटी नहीं खड़ी करूंगी’. लेकिन सीओ साहब तो चालान की कॉपी लिखने में अमादा थे.


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लड़की की बात सुनकर कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई. लोग सीओ सिटी के पास पहुंचे और बोले, ‘छोड़िए सर बच्ची है. उसने स्कूटी किनारे खड़ी की थी. ये गंदगी तो दुकान वाले फैलाते हैं. इसमें बच्ची का क्या कसूर’. सीओ साहब तमतमाते हुए कड़क स्वर में बोले कि ये देखिए गंदगी, मुकदमा लिखवाऊंगा मुकदमा.


इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट भी सामने मौजूद थे और वह चुप्पी साधे थे. नैन्सी ने फिर से कहा कि अंकल स्कूटी छुड़वा दीजिए. सीओ बोले, ‘हुंह… भेजा ना खराब कर मेरा, कोतवाली जा..वहीं से छूटेगी तेरी स्कूटी. इसी दौरान स्कूटी लादकर रिक्शा चलने लगा तो नैन्सी ने उसके पीछे दौड़ लगा दी. वह रिक्शे के पीछे भरी गर्मी हांफते हुए दौड़ रही थी और बोले जा रही थी. भैया रिक्शा थोड़ा धीमा चलाओ. नैन्सी के साथ एक और लड़की दौड़ रही थी. उससे पूछा गया कि वह क्यों रिक्शे के पीछे जा रही है तो बताया कि वहीं उसकी स्कूटी भी खड़ी थी. वह भी लदवाकर कोतवाली भेज दी है.


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भागते हुए दोनों लड़कियां कोतवाली पहुंचीं और कहा कि सीओ अंकल ने स्कूटी छोड़ने को कह दिया है, हमारी स्कूटी दे दीजिए. करीब आधा घंटा बाद दोनों लड़कियों को स्कूटी दी गईं. सीओ सिटी का कहना है कि सड़क के किनारे स्कूटी खड़ी थी. इसलिए कोतवाली भिजवा दीं थीं और बाद में छोड़ दी गईं.


बीते सोमवार को जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने पॉलिथीन पकड़ने का अभियान चलाने से पहले बैठक की थी. इस बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद थे. जिलाधिकारी ने सभी अफसरों से कहा था कि ‘अभियान के दौरान संयम से काम लिया जाए. किसी से अभद्रता न की जाए. अनावश्यक किसी को परेशान नहीं किया जाए’. फिर भी अफसर इस नसीहत को भूल गए. पॉलिथीन से दूर-दूर तक कोई मतलब न रखने वाली नैन्सी को भरी दोपहर में परेशान किया गया.


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