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सिर्फ कपड़े और कुछ गहने ले भारत आया था जेटली का परिवार, दिल्ली की तंग गलियों में बीता बचपन

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली (Arun jaitley) नहीं रहे. शनिवार को 66 वर्षीय अरुण जेटली ने दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली. अरुण जेटली को सांस में तकलीफ के चलते 9 अगस्त को एम्स में भर्ती करवाया गया था. अरुण जेटली का परिवार आजादी के बाद हुए बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आया था. साल 1947 से पहले अरुण जेटली का परिवार लाहौर में था.


उनकी स्कूली पढ़ाई संत जेवियर्स से हुई थी।

अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को एक पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था. अरुण जेटली सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के पद पर भी रहे. वकालत के पेशे का जेटली परिवार पर खास प्रभाव है. अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली और बेटी सोनाली जेटली भी पेशे से वकील हैं.


इसके बाद 31 जनवरी 1989 को उनके बेटे रोहन जेटली का जन्म हुआ।

एक इंटरव्यू में जेटली ने बताया था कि उनका परिवार पाकिस्तान के लाहौर में रहता था. 1920 में दादा जी का निधन हो चुका था. जब देश का बंटवारा हुआ तब उनकी दादी छह बेटों और दो बेटियों के साथ कुछ कपड़े और गहने लेकर दिल्ली आ गई थीं. जब ये लोग 1947 में दिल्ली आए थे तब जेटली के पिता की अभी शादी ही हुई थी.


1980 में अरुण जेटली ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किया।

बतौर जेटली जब उनका परिवार दिल्ली आया था तब उन्हें किराए पर कोई घर नहीं देता था. बाद में पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में एक मुस्लिम परिवार जो पाकिस्तान चला गया था, उसका घर किराए पर मिला. जेटली के पिता महाराज किशन जेटली वकील थे. जेटली ने बताया था कि उनके पिता को वकालत करने में भी काफी परेशानी आई थी. उन्हें रिफ्यूजी कहा जाता था. आखिरकार 13 साल के बाद उनके पिता ने दिल्ली के नारायणा विहार में जमीन का एक टुकड़ा खरीदा और उस पर आशियाना बसाया था.


27 जून 1983 को उनकी बेटी सोनाली का जन्म हुआ था।

जेटली की दादी बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी सजग थीं. इसी वजह से जेटली और उनकी बड़ी बहन का दाखिला इंगलिश मीडियम कॉन्वेन्ट स्कूल में हुआ था. बाद में जेटली ने सेंट जेवियर्स स्कूल और फिर श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ाई की. अपने पिता के ही नक्शेकदम पर चलकर अरुण जेटली भी वकील बनें. अरुण जेटली ने नई दिल्ली सेंट जेवियर्स स्कूल से 1957-69 तक पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया. डीयू से 1977 में वकालत की डिग्री हासिल की.


अरुण जेटली ने अपनी पढ़ाई के दौरान अकादमिक में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए भी जाने जाते रहे. उन्हें कई अवॉर्ड्स से भी नवाजा गया. छात्र जीवन में ही अरुण जेटली का राजनीति में खास रुझान था.


Also Read: ‘वनवास’ भोग रहे मोदी से पहली बार बढ़ी थी जेटली की नजदीकियां, मुख्यमंत्री बनवाने में भी निभाया था अहम रोल


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