Breaking Tube
Politics

डॉक्टर बोले- दर्द में भी मुस्कुराते थे जेटली, जीने की रखते थे अद्भुत क्षमता

भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को एम्स में निधन हो गया. 66 वर्षीय जेटली लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे. उन्होंने दोपहर 12:07 बजे अंतिम सांस ली. जेटली को सांस लेने में तकलीफ के बाद नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था. उनका सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज भी चल रहा था. विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल उनका इलाज कर रहा था. वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे. उनके निधन की खबर सुनते ही अस्पताल के बाहर समर्थक जुटने लगे. जेटली के पार्थिव शरीर को शाम को उनके आवास लाया गया. यहां तमाम राजनीतिक दलों के नेता और अन्य हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया.


एम्स में जेटली का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जेटली जीवंत व्यक्ति थे और वे दर्द में भी मुस्करा देते थे. एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि वे गंभीर रूप से बीमार थे बावजूद इसके उनमें जीने की अद्भुत क्षमता थी. वे दर्द में भी हंसते रहे. गुलेरिया ने बताया कि जैसे-जैसे उनके अंगों ने काम करना बंद किया वे अशक्त होते चले गए. उन्हें मशीनों पर रखा गया. बावजूद इसके वे जब होश में आते थे तो मंद-मंद मुस्करा कर ही जबाव देते थे.


पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली इससे पहले भी कई बार एम्स में भर्ती हो चुके हैं. पिछले वर्ष 14 मई 2018 को एम्स में उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था. इन प्रत्यारोपण के लिए आई टीम में एम्स के अलावा कई और अस्पतालों के डॉक्टर भी मौजूद थे. इनमें दिल्ली अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. संदीप गुलेरिया के अलावा दो वरिष्ठ डॉक्टर पीजीआई चंडीगढ़ के भी थे. जनवरी 2019 में पूर्व वित्त मंत्री को सारकोमा में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे, जिसे लेकर उन्हें न्यूयॉर्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी. इसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था. डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीनों से आइसोलेशन में रह रहे थे. बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायत दे रखी थी.


Also Read: सिर्फ कपड़े और कुछ गहने ले भारत आया था जेटली का परिवार, दिल्ली की तंग गलियों में बीता बचपन


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

उद्धव ठाकरे बोले- राम मंदिर पर बीजेपी चार साल से कुंभकर्ण बनी रही, अब मैं इसको जगाने आया हूं

Jitendra Nishad

BJP से 5 सीटों की मांग पर अड़े ओमप्रकाश राजभर, कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल

Jitendra Nishad

अदिति सिंह पर हमले मामले में सामने आये आरोपी MLC दिनेश सिंह, बयां की कुछ और ही कहानी

BT Bureau