Breaking Tube
Politics

जानिये क्या है INX Media Scam Case जिसके कारण सलाखों के पीछे पहुंचे चिदंबरम

आईएनएक्स मीडिया घोटाले मामले (INX Media Scam Case) में सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया. हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद दिल्ली में सीबीआई ने चिदंबरम को उनके जोरबाग स्थित घर से गिरफ्तार किया. गुरुवार को सीबीआई उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी. चिदंबरम की ओर से गुरुवार को ही जमानत याचिका दायर की जाएगी. आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या था आईएनएक्स स्कैम जिसने देश के पूर्व वित्त मंत्री को सलाखों को पीछे पहुंचा दिया.


जांच एजेंसियों का दावा है कि सन 2007 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे तब उन्होंने पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी की कंपनी आईएनएक्स मीडिया को मंज़ूरी दिलाई. इसके बाद इस कंपनी में कथित रूप से 305 करोड़ का विदेशी निवेश आया. मात्र 5 करोड़ के निवेश की अनुमति मिली थी लेकिन आईएनएक्स मीडिया में 300 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ. कथित रूप से खुद को बचाने के लिए आईएनएक्स मीडिया ने कार्ति चिदंबरम के साथ साज़िश की और सरकारी अफसरों को प्रभावित करने का प्रयास किया. दावा किया गया है कि चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने रिश्वत ली थी.


सीबीआई का आरोप है कि एक निजी कंपनी, जिस पर कार्ति चिदंबरम का कंट्रोल था, को इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के मीडिया हाउस से फंड ट्रांसफर हुआ था. सीबीआई का आरोप है कि कार्ति ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके आईएनएक्स को फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट क्लियरेंस हासिल करने में मदद की थी. आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी इसके बाद ईडी ने पिछले साल इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.


ऐसे मामला आया सामने

विदेशी निवेश की आड़ में FIPB में चल रहे ‘खेल’ का खुलासा 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के दौरान एयरसेल-मैक्सिस डील की जांच से होनी शुरू हुई. इस डील में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर ही ईडी टीम का ध्यान मैक्सिस से जुड़ी कंपनियों से तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों में पैसे आने पर गया. जब ईडी मामले की तह तक पहुंची तो इस केस में घूसखोरी की परतें एक के बाद एक खुलती चली गईं. आईएनएक्स के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी के सरकारी गवाह बनने के बाद चिदंबरम पर शिकंजा कसना शुरू हो गया.


पूरे मामले में कब-कब क्या हुआ

15 मई 2017: आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया, जिसमें इस समूह पर 2007 में विदेशों से 305 करोड़ रुपये लेने के लिए एफआईपीबी की मंजूरी हासिल करने में अनियमितता का आरोप लगाया 


2018: प्रवर्तन निदेशालय ने इससे जुड़े धन शोधन का मुकदमा दर्ज किया. सीबीआई ने पूछताछ के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को समन किया


30 मई 2018: चिदंबरम ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अग्रिम जमानत मांगी 


23 जुलाई 2018: चिदंबरम ने प्रवर्तन निदेशालय के धन शोधन मामले में भी अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की


25 जुलाई 2018: उच्च न्यायालय ने दोनों ही मामलों में चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक लगाई


25 जनवरी 2019: उच्च न्यायालय ने दोनों ही मामलों में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा


20 अगस्त 2019: उच्च न्यायालय ने दोनों ही मामलों में चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार


21 अगस्त 2019: सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार, मगर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला लिया है.


21 अगस्त: सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया


Also Read: दिल्ली पुलिस ने अदालत में पेश किए थरूर के लेटर्स, कहा- पाक पत्रकार को ‘My Sweetheart’ लिखा था, हुए चौंकाने वाले खुलासे


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

Video: जब प्रचार छोड़कर जलती गेहूं की फसल बुझाने दौड़ीं स्मृति ईरानी, हैंडपंप चलाकर ग्रामीणों की मदद

BT Bureau

सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया फिर भी बीजेपी ने नहीं बताया- इलेक्टोरल बॉन्ड से मिला कितना पैसा

BT Bureau

भाजपा सांसद की मांग, अयोध्या में श्रीराम का नहीं महात्मा बुद्ध का बने विशाल मंदिर

Jitendra Nishad