Breaking Tube
Politics

मुहर्रम के दिन भंडारे को लेकर राजा भैया के पिता को किया नजरबंद, विरोध में बाजार बंद

यूपी के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) के कुंडा से बाहुबली विधायक राजा भईया (Raja bhaiya) के पिता मुहर्रम के दिन भंडारे की जिद को लेकर अड़े हुए हैं. जिसे लेकर जिला प्रशासन ने उनको उनके महल में नजरबंद कर रखा है. मंगलवार को कुंडा में इसका असर देखने को मिला. व्यापारियों ने राजा भईया के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखीं. प्रशासन की सख्ती के बाद कुंडा बाजार बंद करने के पोस्टर सामने आए हैं। पोस्टर में मंगलवार को कुंडा बंद करने का आह्वान किया गया है.


राजा भईया के  पिता उदय प्रताप सिंह (Uday Pratp Singh) को जिला प्रशासन ने उनके भदरी महल में ही नजरबंद (House Arrest) कर दिया है. उदय प्रताप सिंह सोमवार शाम पांच बजे से मंगलवार रात 10 बजे तक नजरबंद रहेंगे. दरअसल, राजा भैया के पिता मोहर्रम के दिन जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले हनुमान मंदिर पर भंडारे के आयोजन को लेकर अड़े हुए हैं. जिला प्रशासन ने भंडारे की अनुमति नहीं दी है. कुंडा के उपजिलाधिकारी मोहन लाल गुप्ता ने बताया कि इस दौरान पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू रहेगी. सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात की गई है. शांति व्यवस्था बरकार रखने के लिए राजा उदय प्रताप सिंह के महल के बाहर पुलिस का सख्त पहरा है और उन्हें आज रात 9 बजे तक महल में ही रहना होगा.


दरअसल, उदय प्रताप सिंह शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन भंडारे का आयोजन करते रहे हैं. इसी दिन मंदिर के रास्ते से ही होकर ताजिया का जुलूस भी निकलता है. इस दौरान दोनों समुदायों के बीच टकराव की आशंका बनी रहती है. उदय प्रताप सिंह इस बार भी भंडारे के आयोजन को लेकर अड़े हुए हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी है. लिहाजा, उन्हें महल में ही नजरबंद रखने का फैसला लिया गया है. उदय प्रताप सिंह सोमवार शाम 5 बजे से मंगलवार रात 10 बजे तक अपने महल में ही कैद रहेंगे.


इसलिए कराते हैं भंडारा

बता दें किकुंडा के शेखपुर आशिक में कई साल पहले Muharram के दिन एक बंदर की मौत हो गई थी. लखनऊ- इलाहाबाद हाइवे के किनारे एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया गया था. उसी की याद में पिछले कई सालों से मोहर्रम के दिन यहां राजा उदय प्रताप सिंह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. साथ ही भंडारे का आयोजन भी करवाते हैं. जबकि इसी रास्ते से मोहर्रम का ताजिया भी निकलता है. इस वजह से यहां तनाव की स्थिति बन जाती है. इसी तनाव के चलते साल 2015 में ताजिए 3 दिन बाद निकाला गया था. साल 2016 में प्रशासन किसी तरह ताजिए निकलवाने और भंडारे पर रोक लगाने में कामयाब हो सका था.


Also Read: शामली: गाड़ी के कागज़ दिखाने को कहा तो पुलिसकर्मियों को धमकाने लगे SP विधायक नाहिद हसन, Video वायरल


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

सोनिया से मिलकर ममता बोली- ‘बीजेपी को हराना पहला लक्ष्य’

Aviral Srivastava

बंगाल में ममता बनर्जी पर गरजे अमित शाह, पढ़ें भाषण की खास बातें

Ambuj

हरदोई: बीजेपी सांसद ने सीएम योगी तक पहुंचाई ‘मंदिर में शराब बंटाने’ वाली बात, नरेश बोले- हम नहीं देते तवज्जों

BT Bureau