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भू-माफिया के बाद सब ‘हिस्ट्रीशीटर’ घोषित होंगे आजम खान, प्रशासन ने की तैयारी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर(Rampur) से सांसद आजम खान (Azam Khan) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है.अब सपा सांसद के खिलाफ यूपी पुलिस एक बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. 72 मुकदमों में आरोपी बनाए गए आजम खान को अब यूपी पुलिस हिस्ट्रीशीटर (Historysheeter) घोषित करने की दिशा में काम कर रही है. रामपुर के जिला प्रशासन ने इस संबंध में अपनी तैयारी शुरू कर ली है और जल्द ही आजम खान के खिलाफ एक हिस्ट्री शीट बनाने की बात कही गई है.


सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए रामपुर के डीएम ऑन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि चूंकि आजम खान के खिलाफ आईपीसी और सीआरपीसी की विभिन्न धाराओं में 72 केस दर्ज हुए हैं, ऐसे में प्रशासन ने अब ऐसा कदम उठाया है. डीएम ने कहा कि आजम खान के खिलाफ तमाम आपराधिक मामले दर्ज हैं और इसमें जमीन कब्जाने और चोरी जैसे केस भी शामिल हैं ऐसे में हमनें उनके खिलाफ एक हिस्ट्री शीट बनाने का फैसला किया है. डीएम ने यह भी कहा कि आजम खान के खिलाफ 72 में से 15 केसों में पुलिस ने अपनी चार्जशीट फाइल कर दी है और शेष मामलों में जांच जारी है.


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एसपी अजय पाल शर्मा

बता दें कि इससे पहले रामपुर के एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा (Ajay Pal Sharma) ने सपा सांसद आज़म खान पर दर्ज मुकदमों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही थी. एसपी अजय पाल ने बताया कि इससे पहले किसानों की ओर से लगातार दर्ज हो रहे मामलों के बाद अब रामपुर शहर कोतवाली में आज़म समेत चार लोगों पर शत्रु संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है. नायब तहसीलदार की तरफ से दर्ज किए गए इस मामले में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट और आज़म खान को फायदा पहुंचाने के लिए ईओ ने कागजों में हेराफेरी कर गलत नोटिस जारी किया. वहीं सपा सांसद आज़म खान पर दो मुकदमे महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज किए जा चुके हैं. ऐसे में जो धाराएं लगी है वो उनकी गिरफ्तारी के लिए काफी हैं.


आजम खान और उनके सहयोगी आले हसन के खिलाफ 26 गरीब दलितों और मुसलमानों की 5 हजार हेक्टेयर जमीन हड़पकर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्‍तेमाल करने का संगीन आरोप है. इस मामले में उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए हैं. वहीं, जिला प्रशासन ने आजम के खिलाफ कार्रवाई की है. एसडीएम की तरफ से उनका नाम ऐंटी-भू माफिया पोर्टल में दर्ज कर लिया गया. इसके अलावा प्रशासन ने आजम खान को क्षतिपूर्ति के रूप में 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार देने को कहा है. आजम खान को कब्जा मुक्त होने तक 9,10,000 प्रति माह की दर से लोक निर्माण विभाग को देने का आदेश दिया गया है.


बता दें कि राज्य में 2017 में सरकार बदलने के बाद से ही जौहर शोध संस्थान और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर कई शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंची थी. इसके बाद सीएम योगी ने इन सभी शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था. अब पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है. इसके अलावा, इस यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति के मामले की जांच भी एसआईटी को सौंप दिया गया है.


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