उलेमा काउंसिल का गंभीर आरोप, अखिलेश-मायावती ने टिकट बेचकर कमाए 1600 करोड़ रुपये

उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी ने अखिलेश यादव और मायावती के गठबंधन पर टिकट के बदले में पैसे लेने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा बुआ और बबुआ ने टिकट बेचकर 1600 करोड़ रुपये कमाए. रशादी ने इलेक्शन कमीशन से उम्मीदवारों के नार्को टेस्ट की मांग की है.


चुनाव आयोग कराये नार्को टेस्ट

लखनऊ में अपने कार्यालय में आज राष्ट्रीय उलमा कौंसिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा-बसपा गठबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को भाजपा का भय दिखाकर सपा-बसपा गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में टिकट बेचकर 1600 करोड़ रुपये से अधिक कमाए हैं. उम्मीदवारों को 20 से 40 करोड़ रुपये में लोकसभा चुनाव के टिकट बेचे गए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सपा-बसपा के उम्मीदवारों का नार्को कराये मेरी बात सच साबित होगा. आमिर रशादी ने कहा कि गठबंधन ने अपने कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया बल्कि उन्हें दिया जिन्होंने इन्हें उसकी एवज में रुपये दिए. सबसे कम कीमत का दलित को जो टिकट मिला है वो 9 करोड़ में मिला है.


सपा-बसपा का ये आखिरी चुनाव

रशादी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि सपा-बसपा दोनों ही पार्टियों अपना अस्तित्व खो चुकी हैं, और 2019 का लोकसभा चुनाव उनकी आखिरी लड़ाई होगी. अपनी आखिरी लड़ाई जीतने के लिए दोनों कट्टर दुश्मनों ने हाथ मिला लिया है. उन्होंने मायावती को दलितों की नहीं दौलत की बेटी बताया. उन्होंने कहा कि दलितों के नाम पर मायावती ने केवल पैसा कमाने का काम किया है.



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