अब केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह का दावा- आर्य थे बजरंग बली, रामायण में हैं प्रमाण

भगवान हनुमान की जाति को लेकर इन दिनों सियासी बवाल मचा हुआ है. सीएम योगी के हनुमान जी को लेकर दिए गए बयान के बाद वो सियासी दलों के साथ ही धर्मावलम्बियों के भी निशाने पर आ गए है. इसी बीच हनुमान जी की जाति की इस बहस में केन्द्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह भी अब कूद पड़े हैं.

 

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केन्द्रीय मंत्री ने कहा भगवान राम और हनुमान जी के युग में, इस देश में कोई जाति व्यवस्था नहीं थी. कोई दलित, वंचित और शोषित नहीं था. वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस को आप अगर पढ़ेंगे तो आपको मालूम चलेगा कि उस समय जाति व्यवस्था नहीं थी. हनुमान जी आर्य थे. इस बात को मैंने स्पष्ट किया है, उस समय आर्य थे और हनुमान जी उस आर्य जाति के महापुरुष थे’.

 

 

दरअसल, सीएम योगी ने अलवर जिले के मालाखेड़ा में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान भगवान हनुमान को लेकर बयान दिया था। सीएम योगी का पूरा भाषण सुनने पर पता चलता है कि उन्होंने कहा था कि बजरंगबली हमारी भारतीय परम्परा में ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं..इसके बाद योगी रुके और आगे कहा…बजरंगबली ऐसे देवता हैं जो सबको लेकर चलते हैं, दलित, वंचित सबको जोड़ने का कार्य करते हैं, पूरब से पश्चिम को जोड़ने का कार्य करते हैं. हालांकि, वीडियो को गौर से सुनने पर स्पष्ट हो रहा है कि सीएम योगी ने भगवान हनुमान को दलित नहीं कहा था.

 

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