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कानून मंत्री ब्रजेश पाठक बोले- जनभावनाओं को देखते हुए राम मंदिर पर जल्द फैसला सुनाए सुप्रीम कोर्ट

भाजपा की विधि प्रकोष्ठ के अवध सम्मेलन में रविवार को अयोध्या पहुंचे विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से यही निवेदन है कि जनभावनाओं को देखते हुए मंदिर-मस्जिद पर जल्द फैसला सुनाए, जिससे रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हो सके.

 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनभावनाओं को सर्वोपरि मान कर कोर्ट को फैसला करना चाहिए. प्रदेश सरकार ने आजादी के बाद काफी संख्या में पदों का सृजन किया है और त्वरित न्याय दिलवाने के लिए कई फैसले किए हैं. सरकार की मंशा है कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाया जाए, इसी सिलसिले में 600 से अधिक पद सिविल जज जूनियर डिविजन के तथा 100 पद सिविल जज सीनियर डिविजन के सृजित किए गए हैं. इसके अलावा 100 पद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के सृजन के साथ 110 नई पारिवारिक अदालतें भी गठित की गई हैं.

 

 

बृजेश पाठक ने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने काफी संख्या में जज के पदों का सृजन किया है. उन्होंने बताया कि 600 से अधिक पद सिविल जज जूनियर डिविजन के व 100 पद सिविल जज सीनियर डिविजन के सृजत किए गए हैं. इसी तरह से 100 पद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के व 110 नई पारिवारिक अदालतों का भी गठन किया गया है. बढ़ते मुकदमों के सवाल पर कानून मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में स्थाई लोक अदालतों का भी गठन किया गया है ताकि मुकदमों का निस्तारण जल्द से जल्द हो सके. उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में लिए गए निर्णय की अपील सुप्रीम कोर्ट में भी नहीं होती जिसके कारण मुकदमों में भारी कमी आ रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 125 फास्ट ट्रेक कोर्ट व 25 नई फास्ट ट्रैक कोर्ट एससी-एसटी समाज को न्याय देने के लिए गठन किया गया है.

 

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