Breaking Tube
Social

समान नागरिक संहिता के विरोध में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट

समान नागरिक संहिता (Unifrom Civil Code) के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPB) दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा गया है. बोर्ड ने मांग की है कि समान नागरिक संहिता को लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका में उसको एक पार्टी के रूप में शामिल किया जाए. दिल्ली हाईकोर्ट में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए बीजेपी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय (Ashwini Upadhyay) ने जनहित याचिका दाखिल की है. जिसपर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय को नोटिस जारी किया था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 अगस्त को लगी है.


बता दें कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक का भी जमकर विरोध किया था. उसने कोर्ट में तीन तलाक को सही ठहराने के लिए कई दलीलों का सहारा लिया है. एक सवाल ‘पुरुषों की तरह महिलाओं को तलाक देने का अधिकार क्यों नहीं है’ के जवाब में बोर्ड ने कहा था क्योंकि महिलाओं के पास पुरुषों की अपेक्षा आधा दिमाग होता है इसलिए वे तलाक नहीं दे सकतीं यह अधिकार केवल मर्दों को ही है.


बता दें कि अश्विनी उपाध्याय समान नागरिक संहिता यानी कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (Unifrom Civil Code) को लागू कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुके हैं. जिसपर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय को नोटिस जारी किया था. केंद्र सरकार को इस याचिका पर 8 जुलाई से पहले जवाब देना था लेकिन मामला स्थगित हो गया. अब मामले में अगली सुनवाई 27 अगस्त को लगी है.



याचिकाकर्ता के मुताबिक अश्विनी उपाध्याय के मुताबिक देश में आपसी एकजुटता, भाईचारा और राष्ट्रीय अखंडता को बढावा देने के लिए समान नागरिक संहिता लागू करना जरूरी है. उपाध्याय का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 44 में समान नागरिक आचार संहिता लागू करने की बात कही गई है, लेकिन सरकार ने उसे अभी तक नहीं बनाया है. उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई है कि वो केंद्र सरकार को निर्देश दे कि देश के नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता बनाई जाए, जिसमें सभी धर्म, जाति व संप्रदाय के लोगों को बराबरी का दर्जा दिया जाए और जो समान रूप से सब पर लागू हो.



अर्जी में यह भी सुझाया गया है कि सरकार उसे विभिन्न समुदायों के शास्त्र और रीति-रिवाजों पर आधारित बने पर्सनल लॉ के ऊपर लागू करे. यानी कि किसी भी धर्म के रीति रिवाज पर्सनल लॉ के आधार पर नहीं बल्कि समान नागरिक संहिता के आधार पर लागू हो. याचिकाकर्ता ने इसे बनाए जाने को लेकर तीन महीने के भीतर एक न्यायिक आयोग या उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की मांग भी की है.


अश्विनी उपाध्याय ने कोर्ट में लगाई गई अपनी जनहित याचिका में यह भी सुझाव दिया है कि उस कमेटी की जिम्मेवारी होगी कि वो देश व विकसित देशों के विभिन्न धर्म, जाति, पंथ व संप्रदायों के बेहतर धार्मिक व सामाजिक नियम-कानून के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय परंपराओं को ध्यान में रखकर समान नागरिक आचार संहिता इसके बाद सरकार उसे पूरे देश में लागू करें. याचिका में बताया गया है कि देश में एक गोवा ही राज्य है जहां वर्ष 1965 से समान नागरिक संहिता लागू है. यह नियम वहां के सभी नागरिकों पर भी लागू होता है. इससे संविधान की भावना लागू हो सकेगी.


बता दें कि जनसँख्या विस्फोट आज देश के लिए सबसे बड़ी समस्या है. अश्विनी उपाध्याय के मुताबिक़ हमारे देश की जनसंख्या सवा सौ करोड़ नहीं बल्कि डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा है, और हम चीन से बहुत आगे निकल चुके हैं. उनके मुताबिक देश में 122 करोड़ लोगों के पास आधार है, लगभग 20 प्रतिशत अर्थात 25 करोड़ लोग बिना आधार के हैं और तथा लगभग 5 करोड़ बंगलादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिये अवैध रूप से रहते हैं. भारत की कृषि योग्य भूमि दुनिया की मात्र 2 प्रतिशथ है, पीने योग्य पानी मात्र 4 प्रतिशत है और जनसंख्या दुनिया की 20 फीसद है. उन्होंने कहा कि यदि चीन से तुलना करें तो भारत का क्षेत्रफल चीन का लगभग एक तिहाई है और जनसंख्या वृद्धि की दर चीन की तीन गुना है. चीन में प्रति मिनट 11 बच्चे पैदा होते हैं और भारत में प्रति मिनट 33 बच्चे पैदा होते हैं.


Also Read: आजम के करीबी पूर्व CO आले हसन समेत सपा के 8 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज, छेड़छाड़, मारपीट, लूट और फायरिंग का आरोप


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

रोती हुई मासूम बच्ची का Video हुआ वायरल तो सीएम ने बना दिया ‘ग्रीन एंबेसडर’, इस सम्मान के पीछे की कहानी है बेहद दिलचस्प

S N Tiwari

कांग्रेस के इस विरोध की वजह से फिर लटक सकता है तीन तलाक विधेयक

BT Bureau

सैलरी मांगने पर शारीरिक संबंध बनाने को बोल रहा था वसीम, नहीं मानने पर बीच सड़क युवती को साथियों संग पीटा

S N Tiwari